इस गोशाला से जुड़े हुए हैं या जीवदया प्रेमी, गोभक्त होने से किसी भी परोपकारी संस्था से जुड़े होंगे साथ में समाचार पत्रों की कतरनों से आपको ज्ञात होगा कि गाय, बैल, बछड़ों व अन्य पशु-पक्षियों की हत्या किस हद तक पहुंच गई है । कसाई लोग सरेआम इनका कत्ल कर रहे हैं । कई कारण है पर मुख्यतरु इनका उपयोग घट जाना है । गोरस का उपयोग बढ़े, बैलों से खेती हो, गोबर-गोमूत्र खाद से खेती हो तो इनका कत्ल न हो फिर भी बूढ़े बीमार, अपंग लावारिस गाय-बैल, बछड़े व अन्य जीवों के लिए गोशालाएं तो अनिवार्य है ।