वर्ततान स्थिति- कसाईयों से छुडाये गये तथा किसानों द्वारा छोडे, जीवदया खाते खरीदे है । न्यायालय से सुपुर्द, हजारों गाय-बैल, बछडे को पालने-पलवाने का कार्य जैन गोशला द्धारा हो रहा है । समिति के सक्रिय और समर्पित गोसेवी साथ-साथ नियमित रूप से देख-रेख करते हैं । गोशाला में औसतन प्रतिदिन 500 बीमार, कमजोर, अपंग पशु वर्ष भर रहते है तथा घर-घर गाय, गांव-गांव गोशाला योजना के अन्तर्गत हजारों गोवंश व अन्य जीवों को निःशुल्क अनुबंध कर आंचलिक क्षेत्र के लगभग 300 गांवों में किसानों से पलवाये जा रहे है । अब इन्हीं गांवों में खाद फसल रक्षक के उपयोग वाले ‘कामधेनु प्रदर्शन प्लाट‘ का प्रयोग करने की व्यवस्था की जा रही है । बैठके नियम से होती है ।