यह गोशाला नीमच-चीताखेड़ा रोड़ पर नीमच से 24 कि.मी. तथा चीताखेडा से 5 कि.मी. एवं नीमच से व्हाया छोटीसादडी (राज.) 32 कि.मी. की दूरी पर ग्राम चेनपुरा (म.प्र.) में स्थित हैं । चेनपुरा ग्राम में गोशला स्थापना का क्या उद्देश्य है ? कौन, कैसे गोवंश एवं पशुओं को ऐसे दूरस्थ क्षेत्र में संभलेगा ? नीमच के शहरी कार्यकर्ता वहां जाकर कैसे देख पायेंगे ? यह सर्वविदित है कि गोशाला के लिए विशाल भूखण्ड और विस्तृत चारागाह सुविधा शहर के पास असंभव-सी है ।

ग्राम चेनपुरा में विशेषताएं - यहां गोशाला स्थापना के लिए विशाल भूखण्ड न्यूनतम मूल्य में मिल गया पंचायती विस्तृत चारागाह हैं । वन/राजस्व विभाग का हजारों बीघा में फैला वन-पहाड़ी भू-भाग है । बरसात के 4-6 माह में गायों को हरा चारा मिलता है बाद में भी सूखा चारा, पेड़ो की कोमल पत्तियां मिल जाती है । चरवाहे सुगमता से उपलब्ध् होते हैं तथ पहाड़ों के बीच दो विशाल तालाब है, जिसमें बारह माह पानी रहता है । गोपालक भी आसपास गांवों के कृषक हैं, जिन्हें कृषि उपयोगी बैल-बछड़ा दुधारू गाय गांव के प्रतिष्ठित व्यक्तियों की जमानत पर अनुबंध कर निःशुल्क पलवाये जाते है । इन सभी कारणों से न्यूनतम व्यय पर गायों को पालन-पोषण हो जाता है । इन्हीं कारणों से यहां जैन गोशाला की स्थापना की गई है ।